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Monday, September 16, 2013

ॐ सांई राम~~~

ओ बन्दया~~
तू झुक के चलिया कर ,
के झुकिया नु साई मिलदे |

जय सांई राम~~~

Tuesday, March 20, 2012

ॐ साईं राम!!!

इक छोटा सा लम्हा है~
जो ख़त्म नहीं होता~
मैं लाख जलाती हूँ ~
जो भस्म नहीं होता~~
जो भूल की है मैंने ~
मेरे दिल मैं समाई है~
अब पाप का रूप लेकर~
मेरे सामने आई है~
अब लाख बहाऊं आंसू~
ये ख़त्म नहीं होता~
अब भूल बनी हैं पाप~
भुगतने से कौन रोके मुझे~~

जय साईं राम!!!
ॐ साईं राम!!!


सब कुछ मिला है हमको ~
फिर भी सबर नहीं है ~

बरसों की सोचते हैं ~
और ..
पल भर की खबर नहीं है ~~

ओ मेरे बाबा ओ मेरे साईं..........................
कृपा करो ~~~
मेहर करो ~~~
अपनी रहम नज़र रखो ~~~
सबर और संतोष दो.!!!


जय साईं राम!!!
ॐ सांई राम!!!

सामान सौ बरस का पल भर की खबर नहीं,
सब जानते है ये सच फिर भी असर नहीं,
खप खप, लङ लङ कर जोङते है सब,
ये मेरा है मैने बनाया अकङते है हम,
इक दूसरे को देख नहीं सकता कोई,
खुद को ही खुदा समझते है हम,
जिसकी दया से बनें है उसे भूले बैठे है हम,
जो है बस हमी है यही सोचते है हम,
यदि मैं न होता तो तेरा क्या होता,
कैसे बेशर्मी से कहते है हम,
भूल गए हमें किसने बनाया,
ये दया न होती तो कहाँ होते हम,
क्यों सोए है नहीं जागते है हम,
इस सच को क्यों नहीं मानते है हम!!!


जय सांई राम!!!
ॐ साईं राम!!!

इतना नीर भरो नैनों में~
सब के चरणों को मैं पखार दूँ ~
इतना मुझे झुका दो मेरे साईं~
सब की चरण धुल सिर डाल लूँ~~

मुझे ऐसा बना दो साईं मेरे~मुझे ऐसा बना दो साईं मेरे~

जय साईं राम!!!
ॐ साईं राम!!!


मैंने सुना है कि बोले हुए शब्दों के दांत नहीं होते..........


लेकिन महसूस तो ये किया है कि ये बोले हुए शब्द काट जरुर लेते है.....
और जब ये काट लेते है तो इनके ज़ख्म ज़िंदगी भर नहीं भरते..!!!


जय साईं राम!!!

ॐ सांई राम!!!

मेरे मन दिल किसी का ना दुखा,
भले ही ऱब को तू मना ना मना,
न जा मंदिर , न दीपक जला ,
पर किसी को यूं ही न सता ,
आंसू कही जो तेरे कारण बहे ,
न सोच कि तू बच जाएगा ,
ये आंसू नहीं दरिया है पाप के,
जिसमें तू गोते खाएगा
छटपटाएगा , चिल्लाएगा
पर कोई ना बचाएगा
तेरी करनी क्या रंग लाए ,
ये तो ऱब ही तुझे बताएगा~~~

जय सांई राम!!!
ॐ सांई राम!!!

मेरे मन बस कर घिसटना,

किसी के लिए सिर पटकना,
छोड़ अब यूँ भटकना,
थकता नहीं क्यों तूं रे पगले,
किस के पीछे भागे रे पगले,
कौन जाने तुझको रे पगले,
क्यों उन्नीद लगाए रे पगले ,
सभी अपने धन में मस्त है,
सभी लोग यहाँ व्यस्त है,
क्या तूं ही इक खाली है,
जो लगाए आस बैठा है,
उस आस में जीवन गवांए बैठा है!!!

लोग करते है सिर्फ मज़ा,
समय मिला तो हंस खेल लिया,
थोड़ा समय बिता लिया,
खिलौना तूं बने या कोई और,
इससे नहीं कोई फर्क पड़ता,
मेरे मन तूं सोचे ये प्यार है,
नहीं ये तेरे जी का जंजाल है,
जंजीर है तेरी आत्मा की,
ये केवल एक व्यापार है!!!

तुने इसे इबादत माना,
बस यही तेरी खता है,
इसीलिए तूं गमखार है!!!


पगले तूं सिर्फ जी अपने ' बाबा ' के लिए,
बाकी तो यहाँ सब बेकार है!!!

जय साईं राम!!!
Om Sai Ram!!!


क्या लेकर आये थे और क्या लेकर जाओगे~
न आज का भरोसा न कल का है कुछ पता~
बस वक्त की माया है और नसीब का खेला~~


Jai Sai Ram!!!
ॐ साईं राम!!!

खेल खेल में ओ खिलाड़ी~
तूं कैसा खेल रचाता है~~
बन्दा क्या करना चाहता है~
और क्या से क्या हो जाता है~~

जय साईं राम!!!

Wednesday, February 1, 2012

ॐ सांई राम!!!

रे मन, इस संसार में हर कोई खफा खफा है~
हर किसी के दिल में ,किसी बात का गिला है~~
आँखें बुझी-बुझी सी है , लब सूने से पङे है~
बस जी रहे है ऐसे जैसे कोई सज़ा है !!!

जय सांई राम्!!!
Om Sai Ram!!!

Truth of life -- written outside cremation ground :

" मंजिल तो तेरी यही थी ........... बस ज़िन्दगी गुज़र
गयी तेरी यहाँ आते आते...........
क्या मिला तुझे इस दुनिया से.............अपनों ने ही जला दिया तुझे जाते जाते............."

Jai Sai Ram!!!
ॐ साईं राम!!

हाल पूछती नहीं दुनिया ज़िंदा लोगो का~
चले आते है जनाज़े पर बरात की तरह~~

जय साईं राम!!!
ॐ साईं राम!!!

ओ मेरे बाबा ओ मेरे साईं.............
मैं इस दुनिया से भले ही मायूस हो जाऊं .........
पर तेरी रहमतों से नहीं .............मेरे मालिक मेरे बाबा...........

तेरी रहमते बेहिसाब है करूँ किस ज़ुबान से शुक्रिया ...जब भी मुझसे कोई गलती हुई तुमने झट गले से लगा लिया ......मुझे फिर से संभाल लिया.............

जय साईं राम!!

Monday, December 5, 2011

ॐ साईं राम!!!


छोटी सी है ये ज़िंदगी ~
छोटा सा है ये सपना~
देखलूं इस धरती पर~
एक बार खुदा अपना~~

जय साईं राम!!!

Thursday, December 1, 2011

ॐ साईं राम!!!

क्या क्या न दिया तूने~
क्या क्या न मैंने पाया~
तूं दे कर भी सब भूल गया ~
मैं पा कर भी बिसराई~~

मेरे साईं क्षमा, दया~~~

जय साईं राम!!!
ॐ साईं राम!!!

मजे हमने उड़ाए है मुसीबत कौन भोगेगा ~
ये तो आगे पीछे चलते इन्हें कौन रोकेगा ~~

जय साईं राम!!!
ॐ साईं राम!!!

देखकर दुनिया के हाल और फ़िर हम अपने आप को देखते है ...
यकायक ही कितने बदल जाते हैं न हम.....

या फिर ये सोचूं कि बदलते नहीं खुद का हाल भूल जाते है हम...........

जय साईं राम!!!

Friday, November 25, 2011

ॐ साईं राम!!!

भला मंज़ूर है अपना तो~
कर खिदमत फकीरों की~
वैसे तो किसी के पास~
समय तो मरने को भी नहीं~
हो किस्मत तेरी जो मिलें फकीर कोई~
न गवानां उस पल को~
मिले इक पल जो ही~
ज़िंदगी यूं ही न रुल जाए~
न मिला जो फकीर कोई~~

जय साईं राम!!!

Tuesday, November 22, 2011

Om Sai Ram!!!

एक बच्चा हंसता -खेलता हुआ~ और पास माँ बैठी थी उसके~
इतना प्यारा मनमोहक सा सकून देने वाला दृश्य~~~~

पता नहीं फिर भी क्यूं ये दुनिया मंदिर और काबा को जाती है?????

Jai Sai Ram!!!
OM SRI SAI NATHAYA NAMAH. Dear Visitor, Please Join our Forum and be a part of Sai Family to share your experiences & Sai Leelas with the whole world. JAI SAI RAM

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