छोटी सी है ये ज़िंदगी ~
छोटा सा है ये सपना~
देखलूं इस धरती पर~
एक बार खुदा अपना~~
जय साईं राम!!!
Thursday, December 1, 2011
ॐ साईं राम!!!
क्या क्या न दिया तूने~ क्या क्या न मैंने पाया~ तूं दे कर भी सब भूल गया ~ मैं पा कर भी बिसराई~~
मेरे साईं क्षमा, दया~~~
जय साईं राम!!!
ॐ साईं राम!!!
भली बुरी हूँ तेरी मेरे साईं~ जैसी भी हूँ तेरी साईं~ मेरे बाबा भली बुरी हूँ तेरी ~ गले से लगा या ठुकरा ~ पर जैसी भी हूँ तेरी बाबा जैसी भी हूँ तेरी~~~
मेरी गलतियों को माफ करो~अपने पास बुला लो बाबा ~
अब तो हिये से लगा लो साईं~~चरणों का दास बना लो बाबा~~
जय साईं राम!!!
ॐ साईं राम!!!
परीक्षा नहीं होती ब्रह्म की~~ प्रतीक्षा की जाती है~~~ सौप दिया जाता है सब कुछ उन पर~~ तो कृपा हो ही जाती है~~~~
जय साईं राम!!!
ॐ साईं राम!!!
मजे हमने उड़ाए है मुसीबत कौन भोगेगा ~ ये तो आगे पीछे चलते इन्हें कौन रोकेगा ~~ जय साईं राम!!!
ॐ साईं राम!!!
देखकर दुनिया के हाल और फ़िर हम अपने आप को देखते है ... यकायक ही कितने बदल जाते हैं न हम.....
या फिर ये सोचूं कि बदलते नहीं खुद का हाल भूल जाते है हम........... जय साईं राम!!!
Friday, November 25, 2011
ॐ साईं राम!!!
भला मंज़ूर है अपना तो~ कर खिदमत फकीरों की~ वैसे तो किसी के पास~ समय तो मरने को भी नहीं~ हो किस्मत तेरी जो मिलें फकीर कोई~ न गवानां उस पल को~ मिले इक पल जो ही~ ज़िंदगी यूं ही न रुल जाए~ न मिला जो फकीर कोई~~
जय साईं राम!!!
Tuesday, November 22, 2011
Om Sai Ram!!!
एक बच्चा हंसता -खेलता हुआ~ और पास माँ बैठी थी उसके~
इतना प्यारा मनमोहक सा सकून देने वाला दृश्य~~~~
पता नहीं फिर भी क्यूं ये दुनिया मंदिर और काबा को जाती है?????
Jai Sai Ram!!!
Monday, November 14, 2011
Om Sai Ram!!!
हे मेरे बाबा हे मेरे साईं~
चरणों में जगह दीजिए~
पथ कठिन अति पग नन्हें है~
हमारा हाथ पकड़ लीजिए~~
तुझसा पालनहार न कोई ~तुझसा तारनहार न कोई~~
तेरी दया का पार न कोई~ मुख पे रहे जो तेरा नाम~
मेरे साईं तुझे हर पल मेरा प्रणाम~~
बंधन जहाँ के सब ही है झूठे ~ साईं से तेरा नाता न टूटे~
बाबा के रंग में रंगते जाओ~ साईं राम साईं राम रटते जाओ~~
Jai Sai Ram!!!
Om Sai Ram!!!
बाबा...... कृपा करो सांई.....
बिन तेरे चैन मिलता नहीं है , फूल आशा का खिलता नहीं है ,
तेरी मर्ज़ी बिना इस ज़हा में सांई ,एक पत्ता भी तो हिलता नहीं है ,
तेरे ही बस में ही अंधेरें उजाले ,तू ही तो है हमें राह दिखाने वाले...
कितनी भी ये दुनिया हसीं हो ,सांई के दर की बात निराली ,
जीने को तो सब जीते है ,
पर...
सांई के संग की बात निराली...
~~~प्रीत लगी तोहे नाम की , मोहे मिलो तो सांई~~~
Jai Sai Ram!!!
ॐ सांई राम~~~
सांई नाम जप रे मना~
कोई नहीं है तेरा~~
सांई नाम दीपक बिना~
सारे जग में में अंधेरा~~~
~~~सांई~~~~रहम नज़र~~~रहम नज़र~~~
जय सांई राम~~~
ॐ साईं राम!!!
जब मेरे साथ मेरे साईं अब मुझे किस बात की चिंता~
अरे अब मुझको किसकी चिंता जब मेरे साईं का हाथ मेरे सिर पर है~
उसी के हाथ जीना, उसी के हाथ में मरना~
उसी के हाथ में सब खुशियाँ ,उसी के हाथ सुख भरना~
मेरे सब काम पूरण होंगे, जब मेरे साईं का हाथ मेरे सिर पर है~~~ जय साईं राम!!!
साईं नाम को हृदय में धर ले~
राह मुक्ति की निशिचित कर ले~
वो त्रिकालदर्शी सब जाने~
जाने न कोई भी बन्दा
और न ही संसार~~
बस ,
तू अपना कर्म करता चला जा~
साईं नाम का श्रवण करता चला जा~~
Om Sai Ram!!!
कर दो ऐसी कृपा हम पर साईं~
तेरे चरणों में जीवन बिताएं ~
द्वार तेरा न छोड़े कभी हम~
दूर तुझसे कभी न जाए~
अपनी करुणा का दान देदे ~
तेरे चिंतन में हम डूब जाए~~